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क्या हिन्दी ब्लॉगजगत सचमुच बच्चा है जी ?
क्या हिन्दी ब्लॉगजगत सचमुच बच्चा है जी ? [read more]
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( डी0 के0 न्यूज़ ) -11
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गुरुवाणी 15-5-2012
गुरुवाणी   उपाधियाँ आदमी के जीवन को नष्ट करती हैं !समानता की दृष्टी हो जाय तो आदमी दुर्व्यवहार नहीं करता ! TO SEE MORE POSTINGS VISIT BLOGS [read more]
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आज का जीवन सूत्र १६-५-२०१२
आज का जीवन सूत्र-१६-५-२०१२  To SEE MORE POSTINGS(AAJ KA VICHAR) VISIT BLOGS  जिंदगी को आनंदमयी बनाने के लिये चार चीजे याद रखो :- अर्ज :- भगवान् के दरबार में अपनी अर्जी लगाते रहो ! मर्ज:- तन मे ... [read more]
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उपनिषद् ग्रन्‍था:
यदिवेद‍वृक्षस्‍य ब्राह्मणग्रन्‍था: शाखा:, आरण्‍यकग्रन्‍था: तासु शाखासु उत्‍पन्‍नानि पुष्‍पाणि सन्ति चेत् तेषां पुष्‍पाणां सुगन्धि: तु निश्‍चयेन 'उपनिषद् ग्रन्‍था:' एव सन्ति ।  आशय: अस्ति यत् प्राच ... [read more]
माँ
मानव का पहला समबोधन "माँ" है! पीडा का हर  उदबोधन    "माँ है !! जिस पर नत मस्तक पराक्रमी सब, उस अबला का अवलम्बन  "माँ"है!! स्र्ष्टी के हर प्राणी पर अधिकार उसे, जीवन दात्री का अभिनन्दन "माँ"है! ... [read more]
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[परिकल्पना] कौन बनेगा इस दशक का हिन्दी चिट्ठाकार ?
कौन बनेगा इस दशक का हिन्दी चिट्ठाकार ? [read more]
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नेताओं की जरूरत बनता हेलीकाप्टर
डॉ. महेश परिमल हेलीकाप्टर दुर्घटना में झारखंड के मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा गंभीर रूप से घायल हो गए। पायलट की सूझबूझ से मुख्यमंत्री की जान बच गई। हर बार की तरह घटना की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं। हे ... [read more]
श्रीपार्वतीपंचकस्‍तोत्र
धराधरेन्‍द्रनन्दिनी  शशांकमौलिसंगिनी  सुरेशशक्तिवर्धिनी नितान्‍तकान्‍तकामिनी  निशाचरेन्‍द्रमर्दिनी त्रिशूलशूलधारिणी  मनोव्‍यथा विदारिणी शिवंतनोतु पार्वती ।।1 ।। [read more]
कालिदासविरचिते रघुवंशे नवमः सर्गः
पितुरनन्तरं उत्तर्कोसलान्समधिगम्य समाधिजितेन्द्रियः । [read more]
महा‍कविकालिदासकृत रघुवंशमहाकाव्‍यस्‍य अष्टमः सर्गः
अथ तस्य विवाहकौतुकं ललितं बिभ्रत एव पार्थिवः । [read more]
लगाव: मंडराते हैं
हर समय मंडराते ही मेरे आस पास एक नये  चक्र की ओर सामने झलकने में शायद परेशानी का सबब  हो [read more]
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व्याकुलता
मुझे ऐसा लगता है  कितनी व्याकुलता  है  कितनी निरीहता है  [read more]
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हकीकतें
 मैं जब भी सोचता हूँ [read more]
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आपका वोट हमारे लिए महत्वपूर्ण है ।
इस वर्ष के समापन के साथ ही हिन्दी ब्लॉग जगत नए दशक मे प्रवेश कर जाएगा, इसलिए परिकल्पना समूह के द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि परिकल्पना सम्मान के साथ दशक के श्रेष्ठ पाँच ब्लॉग और दशक के श्रेष्ठ प ... [read more]
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कुंजी बोर्ड की निरर्थक व्यंग-आत्मकथा ।
 " मन मोनिटर  की  साइज़,  क्यों काट रहा है बंदे? [read more]
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अज्ञानता
अज्ञानता और विचारहीनता मानवता के विनाश के दो बड़े कारण है। ---- जान टिलोटसन [read more]
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Fwd: [jigyasa aur samadhan] जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे
---------- Forwarded message ---------- From: Madan Gopal Garga <mggarga@gmail.com> Date: 2012/5/13 Subject: [jigyasa aur samadhan] जीवन के लिए सब से महत्त्वपूर्ण कया हे To: mggarga@gmail.com [read more]
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मनु स्मृति-जिस खेल में पैसा दाव पर लगे जुआ कहलाता है
            हमारे देश में क्रिकेट खेल को लेकर अनेक प्रकार की चर्चायें होती हैं। सच तो यह है कि इसे खेलने वाले बहुत कम हैं उससे ज्यादा अधिक तो इसे देखने वाले हैं। यह शुद्ध रूप से मनोरंजन का खेल है ... [read more]
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संत दरिया दर्शन-मन उजला हो तभी संसार स्वच्छ दिखाई देता है
               वर्तमान युग भौतिकतावाद के चरम पर पहुंच गया है। धन संचय, संपदा सृजन और वस्तुओं के संग्रह के साथ ही आमजनों में अपने लिये सुविधाऐं पाने की अंधी दौड़ लगी हुई है। आदमी अपने हृदय में व्याप ... [read more]
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मलूकदास के दोहे-धर्म सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं
         हमारे देश के लोगों की प्रकृति इस तरह की है उनकी अध्यात्मिक चेतना स्वतः जाग्रत रहती है। लोग पूजा करें या नहीं अथवा सत्संग में शामिल हों या नहीं मगर उनमें कहीं न कहीं अज्ञात शक्ति के प् ... [read more]
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आज साठ कि हो गई हैं भारतीय संसद.
आज साठ कि हो गई हैं भारतीय संसद. [read more]
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गुरुवर को वहीं पायेगा
गुरुवर   [read more]
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छुपा रहता है माँ का संघर्ष !
माँ ताउम्र हरपल, हरदिन अपने घर परिवार के लिए दिन-रात एक कर अपना सर्वस्व निछावर कर पूर्ण समर्पित भाव से अपने घर परिवार, बच्चों को समाज में एक पहचान देकर स्वयं की पहचान घर चारदीवारी में छुपा कर रखती ... [read more]
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हज सब्सिडी पर सवाल
http://74.127.61.178/haribhumi/epapermain.aspx [read more]
तब लेखनी चली - वर्तमान दशा पर कुठाराघात करती कवि 'आनन्‍द फैजाबादी' की यह कविता
अरसों के बाद मन की आज पोटली खुली [read more]
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महाकविकालिदासकृत रघुवंशमहाकाव्‍यस्‍य सप्तमः सर्गः
अथोपयन्त्रा सदृशेन युक्तां स्कन्देन साक्षादिव देवसेनां । [read more]
[परिकल्पना] हिन्दी का ज्यादातर लेखक खतरे नहीं उठाना जनता : शिवमूर्ति
उत्तर भारत के ग्रामीण जीवन की अनेकशः समस्याओं, स्त्री तथा दलित चेतना के नये सन्दर्भों के व्याख्याकार शिवमूर्ति नेकेसरकस्तूरी’ कहानी संग्रह, साम्प्रदायिकता को लेकर त्रिशूल’ तथा दलित विमर्श के नये स ... [read more]
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आत्मविश्वास की महत्ता ..
श्री रामकृष्ण परमंहस हमेशा कहानियों से आत्म विश्वास के महत्ता को दर्शाने और बताने की कोशिश करते थे| ये कहानी इस तथ्य को पूर्णतया प्रस्तुत करती हैं| [read more]
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भाषा
आप किसी व्‍यक्ति से जिस भाषा को वह समझता हो उसमें बात करें तो बात उसकी समझ में आती है। लेकिन आप अगर उससे उसकी मातृभाषा में बात करें तो वह उसके दिल में जाती है। ---- नेल्‍सन मंडेला  [read more]
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जिग्यासा और समाधान धन आता हे और चला जाता है
जिग्यासा और समाधान  प्रशन :- हम प्रयास बहुत   करते हैं लेकिन  कमाई मैं बरकत नहीं होती है !धन आता हे और चला जाता है ! कारण समझ में नहीं आता !कृपया  मार्गदर्शन करें ! गुरुदेव :- पुराणों में वर्ण ... [read more]
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इस नगर में और कोई परेशानी नहीं है ….
खाना नहीं, बिजली और पानी नहीं है [read more]
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Success
Success consists of going from failure to failure without loss of enthusiasm. --- Winston Churchill [read more]
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जो बात दुआ
जो बात दुआ  [read more]
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गुरु ज्ञान की खान है
गुरु ज्ञान की खान है  बांटत है दिन रात ! पाए कोई बडभागी  मिटे जन्मों क़ा मेल !! [read more]
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तुलना
नव मीन-निलय में विलय हुए सित सरिता के सारे सुभाव. सब सूख गये सरिता तीरे नंदन-वन तन के हरे घाव. [read more]
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खतरे में बॉलीवुड की विरासत
http://74.127.61.178/haribhumi/epapermain.aspx [read more]
खुल के हंसिये ..
एक प्रेस रिपोर्टर को समाचार बड़े विस्तार के साथ लिखकर भेजने की आदत थी। उसके संपादक ने उसे कहा कि वह समाचार कम से कम शब्दों में लिखकर भेजा करे। अगली बार प्रेस रिपोर्टर ने निम्न समाचार भेजा। स्थानी ... [read more]
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विधाता ...........!!!
जग के स्वामी हो तुम कहलाते , घट घट में तुम ही पूजे जाते ! आत्मा अनादि का अंत हो तुम ,  बुद्धों का अंतिम लक्ष्य हो तुम ! [read more]
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हिन्दी का कहानी लेखक हमेशा ही बेचारा रहा है…तेजेन्द्र शर्मा
हिन्दी के महत्वपूर्ण कहानीकार श्री तेजेन्द्र शर्मा का जन्म 21 अक्टूबर 1952 को जगरांव, (पंजाब) में हुआ l वर्तमान में श्री तेजेन्द्र ब्रिटेन में रहकर हिन्दी-साहित्य की सेवा कर रहे हैं l विश्व हिन्दी ... [read more]
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वटवृक्ष का ब्लॉगर विशेषांक और परिकल्पना सम्मान
इसी वर्ष तीन फरवरी को शशि मिश्रा जी के निमंत्रण पर एम॰ डी॰ कॉलेज मुंबई के एक सेमिनार में मैंने हिस्सा लिया,विषय था उच्च शिक्षा में सूचना तकनीकी की भूमिका । देश-विदेश से आए तमाम विशेषज्ञों में से म ... [read more]
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मेरी इच्छा
मेरी इच्छा  [read more]
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मुझे संदेह
हो रहा है मुझको संदेह आप क्यों करते मुझसे नेह आपका नित आना-जाना देखता है ऊपर से मेह. [read more]
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गोपनीयता
अगर हम स्‍वयं ही अपना राज गुप्‍त नहीं रख सकते तो किसी और से इसे गुप्‍त रखने की अपेक्षा कैसे कर सकते है। --- फ्रास्‍वां डे ला रोशेफोकाल्‍ड   [read more]
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bahut din hue...!!!
बहुत दिन हुए उनको देखे हुए , गली में  निकलते कंकर फेंके हुए , [read more]
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सुन्दर शाप
रहा करता हूँ सबसे दूर मिलन फिर भी होता भरपूर जिन्हें मैं आने से रोकूँ वही घुसते आँखों में घूर. [read more]
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भानु-भामिनी
वियत श्याम घन की प्रतूलिका पर लेटी पिय भानु-भामिनी [read more]
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कांटे से ही कांटे को निकाला मैंने ….
जिस्म को बेइंतिहाँ उछाला मैंने [read more]
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आपका खेल
काव्य भी रहा आपका खेल रुलाया पहले अपनी गेल सोचकर दो घूँसों को झेल निकालेगा कविता का तेल. [read more]
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मुझसे तुम घृणा करो चाहे
मुझसे तुम घृणा करो चाहे चाहे अपशब्द कहो जितने. मैं मौन रहूँ, स्वीकार करूँ तुम दो जो तुमसे सके बने. [read more]
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कब आऍंगे मेहनतकश नन्‍हे हाथों के दिन ?
http://epaper.bhaskar.com/bhopal/120/01052012/mpcg/1/ [read more]
मासूम हाथों की बात..
मजदूर दिवस पर विशेष  डॉ. महेश परिमल शमशेर की एक कविता है, ‘कब आएँगे हाथों के दिन’. आज हाथों के दिन तो हमारे करीब हों या न हों, पर मासूम हाथों के दिन अभी तक लद नहीं पाएँ हैं, वे आज भी शिवाकाशी मे ... [read more]
वह खुश हो लेता है!
छोटू की कोई अपनी बपौती नहीं, वह हक़ से कूड़े के ढ़ेर पर भी अपना अधिकार नहीं जता पाता. जब कभी उसने ऐसी हिमाकत करने की कोशिश की तो मोहल्ले भर के भुक्कड़ कुत्तों ने उसे खदेड़ने की एकजुट होकर पुरजोर क ... [read more]
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चलिए परिकल्पना ब्लॉगोत्सव की ओर....
आज के दौर में निजता यानि की प्राइवेसी का भी अपना मूल्य है । उस निजता का जो कभी अनमोल हुआ करती थी । तभी तो सच को स्वीकार करने के नाम पर एक आम हिन्दुस्तानी से लेकर जाने माने चहेरों तक, सभी की हिम्मत ... [read more]
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सरकार की नाक में दम, कर गया लेटर बम
सरकार की नाक में दम, कर गया लेटर बम [read more]
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वर्ष-2011 के शीर्ष 100 हिंदी के ब्लॉग ?
परिकल्पना ब्लॉग विश्लेषण-2011 (भाग-10) वर्ष-2011 के 100 ब्लॉग [read more]
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[वटवृक्ष] छेडिये ईक जंग....
छेडिए इक जंग... [read more]
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परिकल्पना : सफर अंधा; मोड़ भी अंधे? BLIND TURNING?
निजी स्वार्थ साधने के मलिन इरादे से, हमारे आसपास, रातदिन घूमनेवाले,कुछ मक्कार इन्सान, हमारी आंख पर, अलग-अलग नाम के  संबंध की पट्टी बांधकर, हमारी नज़रबंदी करके, हमारे साथ, `अंधा भैंसा`  या `आँधरो प ... [read more]
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मैंने सिर्फ इशारा किया
मैंने सिर्फ इशारा किया , उसने सलाम लिख भेजा | मैंने पूछा तुम्हारा नाम क्या है , उसने चाँद लिख भेजा | मैंने पूछा तुम्हें क्या चाहिए , उसने सारा आसमान लिख भेजा | मैंने पूछा कब मिलोगे , उसने क़ ... [read more]
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मीन लग्न और समस्या निवारक उपाय
जीवन में भरपूर सुख और सफलता की प्राप्ति हर मनुष्य का एक सपना होता है। लेकिन सुख-दुख, गम-खुशी, अमीरी-गरीबी तथा रोग एवं स्वास्थ्य आदि कालचक्र के ऎसे धुरे हैं, जो जीवन के चलने के साथ-साथ ही चलते हैं ... [read more]
 
यहां निम्नलिखित ब्लाग संग्रहित हैं
"ऐसी वाणी बोलिए..........."
''झंकार -तरंग ''
** दीपक भारतदीप की अमृत संदेश-पत्रिका** Mastram Deepak Bharatdeep's Hindi express patrika
*** दीपक भारतदीप की जागरण-पत्रिका*** *** Deepak Bharatdeep ki Jagran Patrika***
*** दीपक भारतदीप की हिंदी सरिता-पत्रिका*** mastram Deepak Bharatdeep ki hindi patrika***
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****
***दीपक भारतदीप की हिंदी पत्रिका*** ***Deepak Bharatdeep ki Hindi patrika***
**दीपक भारतदीप की हिन्द केसरी-पत्रिका** *** Deepak Bharatdeep ki Hind Kesri Patrika***
Anil Kumar Aksh
Big Dhamaka News
Blunders of Indian History Mistake
chanakya ki chinta: ग्रीनहंट का लाल रंग
HINDU JAGRAN MANCH MP
JOLLY UNCLE's Jokes & Article's
KAVITARAWATBPL
Kavya Therapy
Learnings
Madan Gopal Garga
MANTHAN
nazzara tours
Rimzim Computer
SANDEEP KUMAR (PANKAJ)
Sudhir K. Rinten
triloknathpandey
zing of life
अपने पल ........रुपेश
आधारशिला
उगता सूरज
कविता संग्रह
काम की बकवास
कुछ अपनी
घूँट घूँट जीना
जनमानस परिष्कार मंच
जीवन सन्दर्भ
ज्योतिष की सार्थकता
जज़्बात
दर्शन-प्राशन
दीपक भारतदीप का चिंतन
दीपक भारतदीप की अनंत शब्दयोग पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्द- पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्दज्ञान- पत्रिका
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दीपक भारतदीप की ई-पत्रिका
दीपक भारतदीप की राजलेख-पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्दयोग सारथी-पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्दयोग-पत्रिका
दीपक भारतदीप की शब्दलेख-पत्रिका
दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका
दीपक भारतदीप की हिन्दी-पत्रिका
देबपिता
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यह ब्लाग संग्रह पाठकों के लिये प्रारंभ किया गया है। जिन ब्लाग लेखक मित्रों को यहां अपना ब्लाग दिखाना है वह चाहें तो अपना ब्लाग जोड़ सकते हैं। ------------ दीपक भारतदीप